

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब एक महिला ने मंच के पास पहुंचकर उन पर नीली स्याही फेंक दी। घटना के बाद महिला की पहचान बरखा त्रेहन (Barkha Trehan) के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Barkha Trehan ने स्याही क्यों फेंकी?
घटना के बाद बरखा त्रेहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्होंने अभिजीत दीपके पर स्याही इसलिए फेंकी क्योंकि उन्हें लगा कि CJP के मंच से भगवान श्रीराम का अपमान किया गया और उस दौरान अभिजीत दीपके हंस रहे थे। उन्होंने इसे अपना विरोध बताया और कहा कि उन्हें अपने इस कदम पर गर्व है। हालांकि, उनके इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कार्यक्रम में क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके के संबोधन के दौरान बरखा त्रेहन मंच की ओर बढ़ीं और उन पर नीली स्याही फेंक दी। घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “नीला मेरा रंग है, जय भीम।” इसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू कराया गया।
कौन हैं Barkha Trehan?
बरखा त्रेहन खुद को पुरुष अधिकार कार्यकर्ता बताती हैं। उन्होंने अपने X प्रोफाइल पर ‘पुरुष आयोग’ की अध्यक्ष होने का दावा किया है। वह पहले भी जंतर-मंतर पर कई प्रदर्शनों में हिस्सा ले चुकी हैं।
कुलदीप सिंह सेंगर से कैसे जुड़ा नाम?
बरखा त्रेहन का नाम पहले भी चर्चा में रह चुका है। सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों और पोस्ट के अनुसार, वह बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रही हैं। इसी वजह से घटना के बाद उनका नाम फिर सुर्खियों में आ गया।
पुलिस क्या कर रही है?
दिल्ली पुलिस ने बरखा त्रेहन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।




