
कांकेर। कांकेर जिले में धर्मांतरित लोगों के अंतिम संस्कार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कई गांवों तक पहुंच गया है। पहले हाटकोंगेरा और अब ढेकुना गांव में भी ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया है। लगातार बढ़ रहे विवादों के बीच जिला प्रशासन पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।
हाल ही में हाटकोंगेरा के एक धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार हाटकोंगेरा, ढेकुना और नारा गांव की साझा सीमा पर दफनाकर किया गया था। इसी स्थान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। ढेकुना के ग्रामीणों का कहना है कि यह जगह गांव की सीमा में आती है, इसलिए शव को वहां से हटाकर ईसाई समुदाय के अधिकृत कब्रिस्तान में दफनाया जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। गांव में बैठक भी हुई, जिसमें प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इससे पहले हाटकोंगेरा में भी इसी मुद्दे पर दो दिन तक विवाद चला था। दफन की अनुमति को लेकर सरपंच पर सवाल उठे और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन भी दिया गया। अब वही विवाद पड़ोसी गांव तक पहुंचने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
कांकेर जिले में हाल के समय में धर्मांतरित लोगों के शव दफनाने को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। ऐसे मामलों के बढ़ने से प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों के बीच समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है।





