
कवर्धा। सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षा विभाग की निगरानी को लेकर कवर्धा के बोड़ला क्षेत्र से गंभीर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। दो प्राथमिक स्कूलों की जांच में अलग-अलग खामियां सामने आईं। गाभोड़ा स्कूल में शिक्षिका की जगह उनके पति के पढ़ाने की शिकायत मिली, जबकि कोटनापानी स्कूल निर्धारित समय से पहले बंद पाया गया।
गाभोड़ा स्कूल में शिक्षिका की जगह पति पर पढ़ाने का आरोप
गाभोड़ा प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका की जगह उनके पति द्वारा बच्चों को पढ़ाने की शिकायत सामने आई है। आरोप यह भी है कि स्कूल के दस्तावेजों पर शिक्षिका के हस्ताक्षर भी उनके पति करते हैं। यदि जांच में ये बातें सही पाई जाती हैं, तो यह शिक्षकों की जिम्मेदारी और स्कूलों में निगरानी व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला होगा।
2020 में मंजूर भवन अब तक अधूरा
गाभोड़ा स्कूल की समस्या केवल शिक्षण व्यवस्था तक सीमित नहीं है। स्कूल का मौजूदा भवन जर्जर बताया जा रहा है। दूसरी ओर, वर्ष 2020 में नए भवन के निर्माण को मंजूरी मिलने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। अधूरे निर्माण के कारण बच्चों को पुराने भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चिंता बनी हुई है।

जांच के दौरान बंद मिला कोटनापानी स्कूल
इसी जांच में कोटनापानी प्राथमिक शाला की स्थिति भी सामने आई। स्कूल निर्धारित समय से पहले ही बंद मिला। मौके पर शिक्षक और बच्चे दोनों मौजूद नहीं थे। इस घटना ने स्कूलों के समय पर संचालन और शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं।
अपर कलेक्टर ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा की ओर से अभी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा ने कहा कि जांच में लापरवाही या अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
