

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके 21वें दिन के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई।
वांगचुक 20 दिनों से अनशन पर थे और 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा कर चुके थे। इससे पहले ही पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। इस दौरान सफेद चादर की आड़ में उन्हें एंबुलेंस तक ले जाने का वीडियो भी सामने आया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया गया। पुलिस के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर अफरातफरी का माहौल बना।
डॉक्टरों के मुताबिक, वांगचुक के वाइटल्स सामान्य हैं। उन्हें हाइपोटेंशन और हाइपोग्लाइसीमिया की निगरानी में रखा गया है। उनकी ईसीजी सामान्य है, वे होश में हैं और हालत स्थिर बताई गई है।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को रोजाना स्वास्थ्य जांच कराने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सीय उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।




