रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PTRSU) के नवीन कन्या छात्रावास में पीलिया फैलने के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसे तीन हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
35 छात्राएं संक्रमित, 4 की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार छात्रावास में दूषित पेयजल पीने से करीब 35 छात्राएं पीलिया की चपेट में आ गई हैं। इनमें से 4 छात्राओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज AIIMS Raipur में चल रहा है।
तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन
विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें
डॉ. शम्स परवेज़ (प्रोफेसर, रसायन अध्ययनशाला)
डॉ. ए.जे. डहरवाल (प्रोफेसर, फार्मेसी संस्थान)
डॉ. रीता वेणुगोपाल (प्रोफेसर, शारीरिक शिक्षा)
को शामिल किया गया है। समिति को दूषित पानी की सप्लाई, पीलिया फैलने के कारण और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन
इस घटना को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि प्रबंधन ने शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की। यह भी कहा गया कि जांच के लिए आई डॉक्टरों की टीम को करीब एक घंटे तक बाहर रोके रखा गया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने नारेबाजी कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सभी की नजर तीन सप्ताह में आने वाली कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
