रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सरकार से FIR सार्वजनिक करने की मांग की है।
भूपेश बघेल ने कहा कि 20 मजदूरों की दर्दनाक मौत के बाद FIR तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन सरकार इसे जनता के सामने नहीं ला रही। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन लोगों के खिलाफ और किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है, यह छिपाया क्यों जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी इसी कंपनी में बड़े हादसे हुए थे, लेकिन उस समय की सरकार ने मामले को दबा दिया था। बघेल ने साफ कहा कि इस बार किसी को भी बचाया नहीं जाना चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट हुआ, जिसमें अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं। मृतकों में ज्यादातर मजदूर दूसरे राज्यों के बताए जा रहे हैं।
जांच में क्या खुलासा?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बॉयलर के अंदर ज्यादा ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया था। इसी वजह से पाइप फट गया और जोरदार विस्फोट हुआ। फोरेंसिक जांच में भी यही कारण सामने आया है।
लापरवाही के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों और मशीनों के रख-रखाव में बड़ी लापरवाही हुई थी। यही लापरवाही इतने बड़े हादसे की वजह बनी।

जांच और कार्रवाई
मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है। वहीं मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
मुआवजे का ऐलान
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। वहीं कंपनी ने मृतकों के परिवार को 35 लाख रुपए और नौकरी देने की बात कही है।
