महासमुंद से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत बेमचा के सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, सरपंच ने एक व्यक्ति से मकान निर्माण की NOC देने के बदले मोटी रकम की मांग की थी। शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने इसकी शिकायत ACB रायपुर में दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि सरपंच ने पहले से दी गई अनुमति को रद्द कर दिया और नई NOC जारी करने के लिए 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
जांच के दौरान सौदेबाजी के बाद रिश्वत की रकम 3.80 लाख रुपए तय हुई, जिसमें से 50 हजार रुपए आरोपी पहले ही ले चुका था। इसके बाद ACB ने जाल बिछाया और 16 अप्रैल को सरपंच को 1 लाख रुपए की दूसरी किश्त लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
