TTD Ghee Scam:देश के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) एक बड़े घी घोटाले में फंस गया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि 2019 से 2024 के बीच मंदिर में बनाए गए लड्डू प्रसाद में करीब 68 लाख किलोग्राम नकली घी का इस्तेमाल हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹250 करोड़ बताई जा रही है। यह खुलासा SIT (Special Investigation Team) की विस्तृत जांच के बाद हुआ है।
🔹 SIT की जांच में बड़ा खुलासा
SIT की रिपोर्ट के अनुसार, घी सप्लाई करने वाली उत्तराखंड स्थित एक डेयरी कंपनी ने बिना असली दूध या मक्खन खरीदे ही मंदिर प्रशासन को करोड़ों रुपए का नकली घी सप्लाई किया। यह घी ताड़ के तेल, पाम कर्नेल ऑयल और औद्योगिक केमिकल्स से मिलाकर तैयार किया गया था ताकि वह गुणवत्ता जांच में असली घी जैसा लगे।
🔹 पूर्व अधिकारी से पूछताछ
इस मामले में मंगलवार को TTD के पूर्व कार्यकारी अधिकारी ए.वी. धर्म रेड्डी से लंबी पूछताछ की गई। उन्हें तिरुपति स्थित SIT कार्यालय बुलाया गया था, जहां उनसे घी खरीद और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े कई सवाल पूछे गए।
जांच टीम का मानना है कि यह गड़बड़ी केवल सप्लायर की नहीं बल्कि पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत से संभव हुई।
🔹 किन पर शक की सुई?
SIT को शक है कि इस घोटाले में कई वरिष्ठ अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मिलावट का यह खेल पूर्व ईओ ए.वी. धर्म रेड्डी के कार्यकाल में हुआ।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी के करीबी चिन्ना अप्पन्ना पर आरोप है कि उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर अयोग्य डेयरियों को ठेका दिलवाया।
🔹 आगे की कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, SIT जल्द ही पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को भी समन भेज सकती है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि घी खरीद और गुणवत्ता जांच की मंजूरी देने वाले अधिकारी कौन थे और किस स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ।
🔹 भक्तों में आक्रोश
श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का लड्डू प्रसाद करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस खुलासे के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और निराशा है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही यह जांच मंदिर प्रशासन की साख और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
