

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निकाह की प्रक्रिया को लेकर वक्फ बोर्ड नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं। अब किसी मुस्लिम युवक या युवती को गैर-मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने से पहले छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य फर्जी निकाह और विवादित मामलों पर रोक लगाना बताया गया है।
नए नियमों के अनुसार, अब केवल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मौलाना ही निकाह करा सकेंगे। यदि कोई मौलाना बिना तय प्रक्रिया और अनुमति के निकाह पढ़ाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि अंतरधार्मिक निकाह के लिए दोनों पक्षों की सहमति, जरूरी दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद ही निकाह कराया जा सकेगा।
बोर्ड का कहना है कि नई व्यवस्था से फर्जी पहचान, गलत दस्तावेजों के आधार पर होने वाले निकाह और विवादित मामलों पर निगरानी रखना आसान होगा। अब हर निकाह का रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा और निकाह का प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा।
वक्फ बोर्ड के अनुसार, आदिवासी इलाकों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह कराने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए निकाह की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और रिकॉर्ड आधारित बनाने का फैसला लिया गया है।





