
Sanjay Dutt की बेटी Trishala Dutt ने हाल ही में अपने बचपन और निजी संघर्षों को लेकर खुलकर बात की। एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि लोगों को लगता है कि स्टार किड होने की वजह से उनकी जिंदगी आसान रही, लेकिन असलियत इससे काफी अलग थी।
त्रिशाला ने कहा कि बचपन में अमेरिका में उन्हें अपनी भारतीय पहचान की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों में लोग उन्हें अलग नजर से देखते थे और उस समय उनके पास अपनी बातें साझा करने के लिए कोई नहीं था।
उन्होंने अपनी मां Richa Sharma के कैंसर से जुड़े मुश्किल दिनों को भी याद किया। त्रिशाला ने बताया कि उनकी मां को ब्रेन ट्यूमर था और जब बीमारी का पता चला, तब वह काफी गंभीर स्टेज में पहुंच चुकी थी। साल 1996 में उनकी मां का निधन हो गया था, उस वक्त त्रिशाला सिर्फ 8 साल की थीं।
त्रिशाला ने कहा कि उनके पिता संजय दत्त उस समय भारत और अमेरिका के बीच लगातार यात्रा करते रहते थे। फिल्मों और काम की जिम्मेदारियों के कारण उनके लिए लंबे समय तक अमेरिका में रुक पाना आसान नहीं था।
उन्होंने यह भी बताया कि मां की बीमारी के दौरान वह भावनात्मक रूप से काफी टूट गई थीं और उन्हें खाने में सुकून मिलने लगा, जिसकी वजह से उनका वजन बढ़ गया। त्रिशाला ने कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि सेलिब्रिटी की बेटी होने का मतलब है कि जिंदगी में सबकुछ आसानी से मिल जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
त्रिशाला बोलीं, “मैंने जिंदगी में कई मुश्किल दौर देखे हैं। मुझे सबकुछ थाली में सजाकर नहीं मिला। जहां तक पहुंची हूं, वहां पहुंचने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है।”
उन्होंने आगे कहा कि हर इंसान की तरह उनके भी अपने संघर्ष रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने थेरेपिस्ट बनने का फैसला किया, ताकि लोगों को यह समझा सकें कि जिंदगी में संघर्ष करना सामान्य बात है।
मां के निधन के बाद त्रिशाला की परवरिश अमेरिका में उनके नाना-नानी ने की।
