पटना में NEET की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला हर दिन और गंभीर होता जा रहा है। एक तरफ पुलिस की एसआईटी 25 से ज्यादा लोगों का डीएनए टेस्ट कर रही है, वहीं एम्स पटना से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर दूसरी राय भी ली जा रही है।
इसी बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की एक महिला नर्स से हुई बातचीत का ऑडियो सामने रखा है, जिसने पूरे मामले पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नर्स का दावा: यह पीरियड्स नहीं, रेप का मामला था
नर्स के अनुसार, जब छात्रा को अस्पताल लाया गया था, वह बेहोश थी। नर्स ने बताया कि छात्रा के प्राइवेट पार्ट में खून के धब्बे और झाग जैसा पदार्थ था, जो स्पर्म जैसा लग रहा था। यह देखकर अस्पताल स्टाफ को शक हुआ कि छात्रा के साथ कुछ गंभीर गलत हुआ है।
नर्स ने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद महिला गायनेकोलॉजिस्ट ने जांच के बाद बताया था कि छात्रा का या तो अबॉर्शन कराया गया है या उसने अबॉर्शन की दवा ली है।
नर्स ने यह भी साफ किया कि छात्रा पीरियड्स में नहीं थी और इस बात की पुष्टि उन्होंने खुद सफाई के दौरान की थी।
होश में आई छात्रा, फिर अचानक कोमा में चली गई
नर्स के मुताबिक, भर्ती होने के दो दिन बाद छात्रा को होश आया था। उस समय उसने इशारों में अपनी मां को बताया कि उसके साथ गलत हुआ है और वह रोने लगी।
इसके बाद अचानक उसे कोई इंजेक्शन दिया गया, जिससे वह फिर से कोमा में चली गई। नर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या दिया गया, जिससे छात्रा की हालत दोबारा बिगड़ गई।
पैसों का ऑफर और धमकी का आरोप
नर्स ने यह भी दावा किया कि अस्पताल में एक महिला आई थी, जिसने छात्रा के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही। इस पर छात्रा की मां ने कहा,
“हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें हमारी बेटी चाहिए।”
नर्स ने आरोप लगाया कि सच्चाई सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन उसे धमका रहा है। उसे नौकरी से निकालने, एफआईआर कराने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।
पुलिस की रिपोर्ट पर उठे सवाल
गौरतलब है कि इसी अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर पटना पुलिस ने पहले यौन शोषण की बात से इनकार किया था। लेकिन अब नर्स के इन बयानों के बाद पुलिस और अस्पताल की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को लेकर संसद के बाहर प्रदर्शन भी किया है और शंभू हॉस्टल के मालिक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
