
प्रधानमंत्री Narendra Modi की नॉर्वे यात्रा के दौरान ओस्लो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के मानवाधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नॉर्वे की एक पत्रकार ने बार-बार पूछा कि “दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे?” इस सवाल पर सिबी जॉर्ज और पत्रकार के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
“भारत में लोकतंत्र सबसे बड़ी ताकत”
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत में महिलाओं को 1947 से ही वोट देने का अधिकार मिला हुआ है, जबकि कई देशों में यह अधिकार दशकों बाद दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत समानता और मानवाधिकारों में विश्वास रखता है और सरकार बदलने का अधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा,
“हमारा संविधान लोगों के अधिकारों की गारंटी देता है। भारत में वोट देने और सरकार बदलने की आजादी लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण है।”
“यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है, मुझे जवाब देने दीजिए”
सवाल-जवाब के दौरान पत्रकार के लगातार टोके जाने पर सिबी जॉर्ज ने कहा,
“आपने सवाल पूछा है, यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। कृपया मुझे जवाब पूरा करने दीजिए।”
भारतीय मीडिया की ताकत भी गिनाई
भारतीय मीडिया पर बात करते हुए जॉर्ज ने कहा कि देश में सैकड़ों टीवी चैनल और कई भाषाओं में सक्रिय मीडिया नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की विविधता और बड़े पैमाने को ठीक से समझ नहीं पाती।
उन्होंने बताया कि सिर्फ दिल्ली में ही करीब 200 टीवी चैनल संचालित होते हैं, जो हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं में खबरें दिखाते हैं।
भारत की साख पर क्या बोले?
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत हमेशा कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है। उन्होंने कोविड महामारी के दौरान भारत की भूमिका, योग, शून्य और शतरंज जैसी भारतीय विरासत का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा,
“दुनिया में हर जगह भारत का योगदान दिखाई देता है। शून्य से लेकर योग और शतरंज तक, भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।”
