
बलरामपुर। फर्जी दस्तावेजों के सहारे निवास प्रमाण पत्र बनवाकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में बलरामपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्त आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वहीं, मामले की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
फर्जी दस्तावेज से बनवाया था निवास प्रमाण पत्र
जानकारी के अनुसार, आरोपी सुमित कुमार (पिता अचल सिंह) 204 कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ, करनपुर (जगदलपुर) में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ था। उसने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से बलरामपुर तहसील कार्यालय में आवेदन किया था।
आरोप है कि उसने शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों में कूट रचना करते हुए अपने नाम की जगह एक अन्य व्यक्ति विशाल सोनी (पिता स्व. सुरेश सोनी) के दस्तावेजों का उपयोग किया और इसी आधार पर स्थानीय निवास प्रमाण पत्र जारी करवा लिया। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए उसे CRPF में नौकरी मिलने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले भी फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे ही CRPF में आरक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी।
तहसीलदार की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामला
एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 अप्रैल को तहसीलदार बलरामपुर ने लिखित आवेदन देकर फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निवास प्रमाण पत्र जारी कराया गया था।
इसके बाद थाना बलरामपुर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 336, 319, 340, 61, 338 सहित आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।