
बालोद। जिले के चिखलाकसा क्षेत्र में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री के खुले में निपटान का मामला सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। चिखलाकसा-सिंगनवाही मार्ग पर बरसाटोला रोड के किनारे हजारों एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट बिखरे मिले। इन्हें आवारा पशु खाते दिखाई दिए, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ आसपास के पर्यावरण पर भी खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के पास बड़ी संख्या में बिस्किट के पुड़े फेंके गए थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि प्रत्येक पुड़े में करीब 12 पैकेट हैं। अनुमान है कि मौके पर करीब 6 हजार पैकेट पड़े थे। इनमें जुबिलो और मोई-मोई ब्रांड के बिस्किट शामिल बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जब पैकेटों की जांच की तो उन पर फरवरी और मई 2026 की एक्सपायरी तिथि दर्ज मिली। इसके बाद लोगों ने सवाल उठाया कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट करने के बजाय खुले स्थान पर क्यों फेंका गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन बिस्किटों को पशु लगातार खाते रहे तो उनके बीमार होने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं बरसात के मौसम में यह कचरा आसपास के क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण का कारण भी बन सकता है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि एक्सपायर्ड बिस्किट किसके हैं, इन्हें यहां किसने फेंका और खाद्य सामग्री के निपटान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
