Durga Ashtami 2026: नवरात्रि का हर दिन खास होता है, लेकिन दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) को सबसे पवित्र माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं, घर की सफाई करते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर मां दुर्गा की कृपा जीवनभर बनी रहती है और हर संकट दूर हो जाता है।
अष्टमी पर मंत्र जाप का महत्व
कहा जाता है कि दुर्गा अष्टमी पर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और बाधाएं दूर होती हैं। अगर इस दिन कुछ खास मंत्रों का सही तरीके से जाप किया जाए, तो किस्मत का ताला भी खुल सकता है।
महाअष्टमी पर जरूर करें इन 3 मंत्रों का जाप
1. शक्तिशाली बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
यह मां दुर्गा का बेहद शक्तिशाली मंत्र माना जाता है।
नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है
डर और चिंता दूर करता है
जीवन की बाधाएं खत्म करने में सहायक
👉 इस मंत्र का जाप 11, 21 या 108 बार सुबह या शाम करें।
2. नारायणी स्तुति मंत्र
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते॥
यह मां गौरी की स्तुति का पवित्र मंत्र है।
जीवन में सकारात्मकता लाता है
सुख-समृद्धि बढ़ाता है
मां दुर्गा को प्रसन्न करता है
👉 इसका जाप सुबह के समय करना सबसे शुभ माना जाता है।
3. दुर्गा सप्तशती मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
यह मंत्र देवी की शक्ति का स्मरण कराता है।
नकारात्मकता को दूर करता है
आत्मविश्वास बढ़ाता है
मन को शांत और मजबूत बनाता है
👉 इस मंत्र का जाप सुबह या शाम की पूजा में कभी भी कर सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। इसकी सटीकता की पुष्टि नहीं की जाती। किसी भी विशेष उपाय के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
