वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि सही तरीके से शिवलिंग स्थापना और अभिषेक करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
अगर आप घर में शिवलिंग स्थापित करने की सोच रहे हैं, तो पहले ये आसान वास्तु नियम जरूर जान लें।
🔹 दिशा से जुड़ी जरूरी बातें
शिवलिंग की जलाधारी (जिससे जल बहता है) का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
जलाधारी का मुख दक्षिण, पश्चिम या पूर्व की ओर न रखें।
पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।
सही दिशा में स्थापना करने से भगवान शिव की कृपा जल्दी मिलती है और बिगड़े काम बनते हैं।
🔹 शिवलिंग स्थापना की आसान विधि
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाएं।
तांबे या पीतल की थाली में शिवलिंग रखें।
गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
चंदन से त्रिपुंड लगाएं।
अक्षत, जनेऊ और कलावा अर्पित करें।
देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
शिव चालीसा का पाठ करें।
फल और मिठाई का भोग लगाएं।
🔹 शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
मानसिक शांति के लिए जल अर्पित करें।
पापों से मुक्ति के लिए गंगाजल चढ़ाएं।
सुख-समृद्धि के लिए देसी घी और शक्कर से अभिषेक करें।
हल्दी
सिंदूर (कुमकुम)
केतकी का फूल
धार्मिक मान्यता के अनुसार ये चीजें शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित माना गया है।
Disclaimer
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय परंपराओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं पर आधारित है।
इन बातों की वैज्ञानिक पुष्टि आवश्यक नहीं है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, पूजा या स्थापना से पहले अपने परिवार के बुजुर्गों, किसी योग्य पंडित या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
