

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत उस पर रोक नहीं लगाई।
सोनम पर आरोप है कि उसने 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची। राजा 23 मई को लापता हुए थे और 2 जून को उनका शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खाई से मिला था। इस मामले में सोनम, उसके कथित बॉयफ्रेंड और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पहले तीन बार सोनम की जमानत खारिज की थी क्योंकि उसके फरार होने, गवाहों को प्रभावित करने और सबूत मिटाने की आशंका थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले पर कुछ सवाल जरूर हैं, लेकिन सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं और कोर्ट की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं। इसलिए फिलहाल उनकी जमानत पर रोक लगाने की जरूरत नहीं है।
क्लर्क की गलती कैसे बनी जमानत की वजह?
सोनम को 27 अप्रैल को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। इसकी सबसे बड़ी वजह गिरफ्तारी के दौरान हुई एक तकनीकी गलती थी।
एफआईआर हत्या की धारा BNS 103 के तहत दर्ज थी, लेकिन गिरफ्तारी के समय पुलिस ने BNS 403(1) का जिक्र किया, जबकि BNS में ऐसी कोई धारा है ही नहीं। यही गलती गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी और कई अन्य दस्तावेजों में भी दोहराई गई।
हाई कोर्ट ने माना कि सोनम को सही कानूनी धारा और गिरफ्तारी का सही कारण नहीं बताया गया, जबकि यह हर गिरफ्तार व्यक्ति का कानूनी अधिकार है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।





