
नई दिल्ली। एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि नया कानून परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और पेपर माफिया पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि, इस वीडियो के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की सोशल मीडिया टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया।
प्रधानमंत्री के सेल्फी वीडियो पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने लिखा, “आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार है।” इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस शुरू हो गई।

वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक और सख्त कानूनी व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बना रही है। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, संसद के दोनों सदनों से पारित संशोधन विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए सजा और जुर्माने को और कड़ा किया गया है। नए कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही मामलों की समयबद्ध जांच और राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के अधिकांश मामले राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को लेकर कई आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
वहीं, CJP पहले से ही इस विधेयक का विरोध करती रही है। पार्टी का कहना है कि कानून में अपराध होने के बाद सजा पर ज्यादा जोर दिया गया है, जबकि पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी लगातार NTA में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग उठाती रही है।
