प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ओमान यात्रा के दौरान एक खास टेक्नोलॉजी ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्वागत समारोह और उच्चस्तरीय बैठकों के बीच पीएम मोदी के बाएं कान में लगा एक छोटा-सा डिवाइस कैमरों में कैद हो गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे—आखिर यह कौन-सा गैजेट है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
क्या है पीएम मोदी के कान में दिखा डिवाइस?
पीएम मोदी के कान में नजर आया यह गैजेट कोई आम ईयरफोन नहीं, बल्कि एडवांस रियल-टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस है। इस तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक बैठकों में किया जाता है, जहां अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले नेता आपस में संवाद करते हैं।
यह डिवाइस सामने वाले व्यक्ति की भाषा को तुरंत पहचानकर उसे दूसरी भाषा में अनुवाद कर देता है, जिससे बातचीत बिना किसी रुकावट के सहज रूप से आगे बढ़ती है।
ओमान यात्रा में क्यों हुआ इसका इस्तेमाल?
ओमान की आधिकारिक भाषा अरबी है, जबकि भारत की ओर से बातचीत आमतौर पर हिंदी या अंग्रेजी में होती है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री मोदी ओमान के डिप्टी प्रधानमंत्री सैय्यद शिहाब बिन तारिक अल से मुलाकात कर रहे थे, तब यह ट्रांसलेशन डिवाइस उनके कान में देखा गया।
इसका उद्देश्य था—
बातचीत को स्पष्ट बनाना
किसी भी भाषा बाधा से बचना
राजनयिक संवाद को और प्रभावी बनाना
क्या आम लोग भी इस्तेमाल कर सकते हैं ऐसी टेक्नोलॉजी?
अब यह सुविधा सिर्फ सरकार या वीआईपी तक सीमित नहीं रही। आज के समय में आम यूजर्स के लिए भी लाइव ट्रांसलेशन टेक्नोलॉजी उपलब्ध है।
Apple AirPods में भी अब लाइव ट्रांसलेशन जैसी सुविधा मिलती है। iPhone के Translate App के साथ AirPods को कनेक्ट कर यूजर दूसरी भाषा को लगभग रियल टाइम में समझ सकते हैं। हालांकि, डिप्लोमैटिक मीटिंग्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोफेशनल डिवाइस ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा सटीक रिजल्ट देते हैं।
