
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई बड़े नेताओं से मुलाकात हुई। ग्रुप फोटो से पहले मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हाथ मिलाया। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहां मौजूद थे।
मोदी और जिनपिंग की मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि गलवान घाटी में 2020 की हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सीमा से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
बताया गया कि ग्रुप फोटो के लिए सभी नेता एक साथ पहुंचे थे। इसी दौरान मोदी ने जिनपिंग, पुतिन समेत कई नेताओं का अभिवादन किया। शहबाज शरीफ भी आसपास खड़े थे, लेकिन मोदी और उनके बीच बातचीत नहीं हुई।
पुतिन के साथ भी हुई अहम बातचीत
SCO सम्मेलन से पहले मोदी ने पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मोदी ने शांति और संघर्ष खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है।
दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस के व्यापार, निवेश, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
SCO में कौन-कौन देश?
शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 2001 में हुई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन का हिस्सा बने।
