
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक छोटी-सी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर में जिनपिंग नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी तबीयत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, दोनों देशों की ओर से उनकी गैरमौजूदगी की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
इससे पहले सम्मेलन के दौरान भी एक ऐसा पल आया था, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर शी जिनपिंग पर पड़ी। पीएम मोदी ने कुछ पल के लिए भाषण रोका और चीनी राष्ट्रपति के साथ मौजूद अनुवादक से उनका हाल पूछा।
पीएम मोदी ने जानना चाहा कि क्या जिनपिंग ठीक हैं। इसके बाद शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर जवाब दिया और प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन आगे जारी रखा।
थकान को बताया जा रहा वजह
जिनपिंग के डिनर में नहीं पहुंचने के पीछे अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। हालांकि, एक सूत्र के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद थक गए थे और आराम करने के लिए होटल लौट गए।
गौर करने वाली बात यह भी है कि डिनर से दूरी के बावजूद जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। यानी उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण मुलाकात हुई।
चीन से दिल्ली तक व्यस्त रहा जिनपिंग का दिन
शी जिनपिंग शनिवार सुबह चीन से रवाना हुए और दोपहर में दिल्ली पहुंचे। इसके बाद ब्रिक्स सम्मेलन के कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक भी की। कम समय में लगातार कार्यक्रमों के चलते उनके व्यस्त शेड्यूल की भी चर्चा हुई।
भारत मंडपम में पीएम मोदी ने जिनपिंग का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने रामनाथस्वामी मंदिर से जुड़े 1212 खंभों वाले कॉरिडोर की तस्वीर के सामने हाथ मिलाया। पीएम मोदी ने इस कॉरिडोर की खासियत और उसकी बनावट के बारे में भी जिनपिंग को जानकारी दी।
फिलहाल, शी जिनपिंग की तबीयत को लेकर किसी बीमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनकी असहजता या डिनर में अनुपस्थिति को सीधे तौर पर बीमारी से जोड़ना सही नहीं होगा।
