
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम के मुताबिक, प्रधानमंत्री 11 से 13 सितंबर के बीच 15 देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
इन मुलाकातों में रूस, ईरान, चीन समेत कई अहम देशों के नेताओं के साथ बातचीत शामिल है। ऐसे समय में जब दुनिया रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया में तनाव और बदलते भारत-चीन संबंधों जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, पीएम मोदी की ये बैठकें भारत की विदेश नीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
11 सितंबर को तीन अहम मुलाकातें
प्रधानमंत्री मोदी 11 सितंबर को तीन महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। दोपहर 3:30 बजे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसके बाद शाम 6:15 बजे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात प्रस्तावित है।
दिन की तीसरी बैठक शाम 6:45 बजे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ होगी। इस दौरान वैश्विक शांति और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
12 सितंबर को पांच नेताओं से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी 12 सितंबर को पांच अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। सुबह 10 बजे इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात होगी।
इसके बाद 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के साथ बातचीत होगी।
हालांकि, इस दिन की सबसे ज्यादा नजरें शाम 5:45 बजे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक पर रहेंगी। गलवान के बाद भारत-चीन संबंधों में आए तनाव के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात को कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
13 सितंबर को सात द्विपक्षीय बैठकें
13 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और भी व्यस्त रहेगा। विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम के अनुसार, इस दिन वह सात नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
इनमें कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदिशिमिमी, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ भी बैठक होगी।
BRICS के मंच से आगे बढ़ेगी भारत की कूटनीति
प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तीन दिनों तक होने वाली ये बैठकें दिखाती हैं कि भारत BRICS सम्मेलन को केवल बहुपक्षीय मंच तक सीमित नहीं रखना चाहता। अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ आमने-सामने की बातचीत के जरिए भारत अपने आर्थिक, रणनीतिक और सुरक्षा हितों को भी आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।
रूस और ईरान से लेकर चीन, खाड़ी देशों और अफ्रीकी देशों तक होने वाली इन मुलाकातों के जरिए भारत वैश्विक स्तर पर बदलते समीकरणों के बीच अपने संतुलित कूटनीतिक रुख को मजबूत करने का प्रयास करेगा।
