
नलगोंडा। तेलंगाना के नलगोंडा में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या की जांच में पुलिस ने उसी स्कूल के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 2.5 लाख रुपये की चोरी के लिए बनाई गई योजना उस वक्त हत्या में बदल गई, जब घर में मौजूद प्रिंसिपल ने आरोपी छात्र को देख लिया।
पुलिस के सामने शुरुआत में सबसे बड़ा सवाल यह था कि घर में चोरी के पीछे कौन था। जांच आगे बढ़ी तो कई छोटी-छोटी बातें एक-दूसरे से जुड़ती चली गईं। हत्या से पहले रूपा रेड्डी अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘बाबू’ शब्द कहा था। तेलंगाना में बच्चों और कम उम्र के छात्रों के लिए इस तरह का संबोधन आम है। इसके तुरंत बाद फोन बंद हो गया। पुलिस ने इस जानकारी को भी जांच की एक कड़ी माना और स्कूल से जुड़े लोगों पर नजर डाली।
अचानक बदली छात्रों की दिनचर्या
जांच के दौरान दो छात्रों की गतिविधियां पुलिस के संदेह के दायरे में आईं। दोनों के अचानक पार्टी करने और पैसे खर्च करने की जानकारी मिली। नलगोंडा के एसपी शरद चंद्र पवार के अनुसार, इसी आधार पर बुधवार सुबह दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान एक छात्र के पास से 1.51 लाख रुपये और एक आईफोन मिला। छात्र ने रकम को माता-पिता से मिलने की बात बताई, लेकिन फोरेंसिक जांच ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। नोटों पर इंसानी खून के निशान पाए गए।
पैसे की जरूरत और पुरानी नाराजगी
जांच में सामने आया कि दोनों छात्रों को शराब पीने की आदत थी। इनमें से एक छात्र को कार और बाइक चलाने का शौक था और वह कम समय में ज्यादा पैसा जुटाना चाहता था।
पुलिस के अनुसार, करीब 15 दिन पहले स्कूल में इसी छात्र के बैग से मोबाइल और नकदी मिली थी। इस घटना के बाद प्रिंसिपल रूपा रेड्डी ने उसे फटकार लगाई थी। उसे हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर कर दिया गया था और परिवार को भी इसकी जानकारी दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी के साथ पैसों की चाहत ने छात्र को प्रिंसिपल के घर चोरी का विचार दिया। उसे पता था कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा होने के कारण घर में नकदी होने की संभावना है।
वारदात से पहले की गई पूरी तैयारी
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने घटना से करीब पांच दिन पहले ही चाकू और दस्ताने खरीदे थे। इसके अलावा इलाके में जाकर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और आने-जाने के रास्तों की रेकी की गई थी।
11 अगस्त को योजना के मुताबिक एक छात्र बाउंड्री वॉल पार कर घर में दाखिल हुआ, जबकि दूसरा बाहर रहकर निगरानी करता रहा। अंदर कैश तलाशते समय रूपा रेड्डी की नजर उस पर पड़ गई। पुलिस के मुताबिक, अपनी पहचान सामने आने के डर से आरोपी ने चाकू से उन पर 27 बार हमला कर दिया।
वारदात के बाद दोनों करीब 2.5 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। आरोपी ने अपने खून से सने कपड़े भी एक नाले में फेंक दिए, ताकि जांच में सबूत न मिल सकें।
पुलिस ने दोनों नाबालिगों को बाल न्याय बोर्ड के सामने पेश किया है। फिलहाल उन्हें बाल संप्रेषण गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
