
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई अब संसद में सियासी टकराव का मुद्दा बन गई है। सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब दे सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि चर्चा के दौरान व्यवधान न डाला जाए और गृह मंत्री का पक्ष सुना जाए।
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना को करीब 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन अमित शाह ने अब तक संसद में इस मुद्दे पर जवाब नहीं दिया। राहुल ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
इस मुद्दे पर संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं। सरकार चर्चा के जरिए अपना पक्ष रखने की बात कह रही है, जबकि विपक्ष कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने और जांच की मांग पर जोर दे रहा है।
सोमवार को संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक भी कार्यसूची में हैं। लोकसभा में न्यायाधिकरण सुधार, खान एवं खनिज संशोधन, केरल के नाम परिवर्तन और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने हैं। राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल और कराधान से जुड़े विधेयक पर चर्चा प्रस्तावित है।
अब देखना होगा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में बहस किस दिशा में जाती है और गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का क्या जवाब देते हैं।
