
बिलासपुर। बिलासपुर में शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर ऐसा विवाद बढ़ा कि मामला पथराव तक पहुंच गया। खपरगंज इलाके से शुरू हुआ विवाद सिटी कोतवाली क्षेत्र तक पहुंचा। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद माहौल बिगड़ गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मैदान में उतरना पड़ा।
पहले विवाद, फिर अचानक शुरू हुआ पथराव
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर युवाओं के बीच कहासुनी हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। विवाद की खबर फैलने के बाद मौके पर लोगों की संख्या बढ़ती गई।
इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से पथराव शुरू हो गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब भीड़ की ओर से पुलिस टीम पर भी पत्थर फेंके गए। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
टीआई समेत पुलिसकर्मी घायल
पथराव के दौरान एक टीआई समेत कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालात को देखते हुए शहर के अलग-अलग थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया। खपरगंज और आसपास के इलाकों में करीब 250 से 300 जवानों की तैनाती की गई।
रात में कलेक्टर और एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
CCTV और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच
अब पुलिस इस पूरे विवाद की शुरुआत से लेकर पथराव तक की घटनाओं की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और वीडियो की पड़ताल के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और पथराव में कौन-कौन शामिल था।
कलेक्टर ने बताई विवाद की अलग तस्वीर
घटना को लेकर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि मामला व्यक्तिगत विवाद से शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, विवाद के बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि पुलिस इलाके में पेट्रोलिंग करेगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने की हिदायत दी गई है।
