Bihar Next CM: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया है। 243 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन 207 से ज्यादा सीटों पर आगे है। बीजेपी, जेडीयू, एलजेपीआर, हम और आरएलएम मिलकर एक बार फिर सत्ता की दहलीज पर खड़े हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि NDA नीतीश कुमार के बिना भी बहुमत से काफी ऊपर है।
NDA की सीटें और क्यों उठ रहा है सवाल?
बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 सीटें है।
NDA कुल 209 सीटों पर आगे चल रहा है।
अगर इसमें से जेडीयू की 84 सीटें भी निकाल दी जाएं, तो भी गठबंधन के पास 125 सीटें बच रही हैं—यानी बहुमत से ऊपर।
इस आंकड़े ने राजनीतिक गलियारों में एक सवाल खड़ा कर दिया है—
➡️ क्या बीजेपी जेडीयू के बिना भी सरकार बना सकती है?
➡️ क्या NDA में नेतृत्व बदलने का दबाव बढ़ेगा?
NDA ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
इस बार का प्रदर्शन NDA के लिए ऐतिहासिक है।
गठबंधन 208 सीटों पर आगे चल रहा है, जो 2010 के पिछले रिकॉर्ड (206 सीटें) से भी ज्यादा है।
विपक्ष की हालत बेहद खराब रही—
कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर आगे
आरजेडी महज 23 सीटों तक सीमित
पूरे चुनाव में विपक्ष का ग्राफ लगातार नीचे जाता दिखा
CM पद पर फिर सस्पेंस – क्या नीतीश ही रहेंगे CM?
इतने बड़े बहुमत के बावजूद NDA के अंदर सीएम पद पर सस्पेंस जारी है।
बीजेपी के महासचिव विनोद तावड़े ने बयान दिया—
“चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया है। सीएम का फैसला NDA के पांचों सहयोगी दल मिलकर करेंगे।”
NDA में शामिल दल:
बीजेपी
जेडीयू
हम
आरएलएम
एलजेपीआर
इस बयान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अंतिम फैसला अभी बाकी है।
जेडीयू का दावा – “नीतीश ही रहेंगे मुख्यमंत्री”, फिर पोस्ट डिलीट
जेडीयू ने अपनी शानदार बढ़त के बाद एक पोस्ट में लिखा—
“न भूतो न भविष्यति… नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।”
लेकिन कुछ देर बाद ये पोस्ट डिलीट कर दिया गया, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।
क्यों हटाया गया?
क्या NDA में नए समीकरण बन रहे हैं?
इस पर अभी किसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
