UPSC Result 2023: बिना कोचिंग के गोरखपुर की नौशीन ने पाई 9वीं रैंक, बोलीं- लक्ष्य बनाकर…

UPSC Result 2023 संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित हुए परिणाम में इस बार भी छोटे शहरों के युवाओं का दबदबा देखने को मिला। इन्होंने साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प हो तो किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। आइए उनकी सफलता की कहानी के बारे में जानते हैं…

कोई भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए पढ़ाई के घंटे गिनने की आवश्यकता नहीं होती। बल्कि सही लक्ष्य के अनुसार पढ़ाई करने की जरूरत रहती है। इसी से ही पढ़ाई के घंटे तय किए जाते हैं। ऐसा ही तरीका सिविल सेवा परीक्षा में नौवीं रैंक पाने वाली गोरखपुर (उप्र) की नौशीन ने अपनाया है…

नौशीन ने बताया कि यह सफलता उनको अपने चौथे प्रयास में मिली है। पहले दो प्रयास में वह साक्षात्कार तक नहीं पहुंच पाई थी।

तीसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में जब वह फेल हो गई तो थोड़ी निराशा की स्थिति बनी, लेकिन फिर भी वह हार नहीं मानी और एक बार फिर पूरे लगन से अपने लक्ष्य को साधने में जुट गईं और चौथे प्रयास में अब टापरों की सूची में अपनी जगह बनाई।

नौशीन मूल रूप से कुशीनगर के पिपरा कनक गांव के मठिया टोला की रहने वाली है, उनकी शिक्षा गोरखपुर के रैंपस स्कूल से हुई है। जिसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के एसजी टीबी खालसा कालेज से अपने स्नातक के बाद वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने में लग गई।

नौशीन ने कहा कि उन्हें इसकी बहुत खुशी है कि बिना किसी कोचिंग के उन्होंने यह सफलता खुद की बनाई हुई अध्ययन रणनीति से प्राप्त की है। साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी में लगे हुए भावी अभ्यर्थियों को कुछ जरूरी टिप्स भी दिया कि खुद की बनाई हुई रणनीति से प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करें, क्योंकि सबकी अपनी कुछ क्षमता और शैली होती है।

प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा की तैयारी को लेकर नौशीन ने बताया कि उन्होंने अध्ययन को कभी भी विश्राम नहीं दिया और खुद की बनाई हुई रणनीति पर पूरा भरोसा किया।

एक मीडिया न्यूज से अपने साक्षात्कार से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए नौशीन ने बताया कि ज्यादातर प्रश्न उनसे उनके ऐच्छिक विषय इतिहास से पूछे गए थे।

इतिहास में यदि बदलाव करने का अवसर मिले तो क्या बदलना चाहेंगी? इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने इतिहास के पन्नों से युद्ध और औपनिवेशिक व्यवस्था को हटाने की इच्छा जताई थी।

आकाशवाणी के सहायक निदेशक अब्दुल कयूम की बेटी नौशीन ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के लिए मां जेबा खातून, बहन नगमा और भाई अकरम को श्रेय दिया है।

नौशीन ने आगे बताया कि उनको सफलता पाने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन नौवीं रैंक मिलने वह व परिवार बेहद उत्साहित हैं।

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