
बिलासपुर। न्यायधानी में 28 और 29 अगस्त की दरमियानी रात हुए विवाद के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पथराव और तोड़फोड़ की इस घटना में अब तक दोनों पक्षों से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने मामले में 50 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
दो अलग मामलों में हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने अपराध क्रमांक 488/2026 में 8 लोगों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में मौला बक्स उर्फ जुब्बू, शेख अजरूद्दीन उर्फ अज्जू, मोहम्मद जाहिद खान, सफीक अहमद उर्फ राजा खान, शकीर उर्फ सोनू, मोहम्मद लाईक, रेहान अली उर्फ ईरानी और मो. जुनैद शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी खपरगंज, तालापारा, जूनी लाइन और सरकंडा क्षेत्र से जुड़े आरोपियों के रूप में की गई है।
दूसरे मामले यानी अपराध क्रमांक 489/2026 में राजू यादव उर्फ नान, राकेश यादव उर्फ रिंकु और छत्रपाल साहू को गिरफ्तार किया गया है। राजू और राकेश कुंदरापारा, जबकि छत्रपाल साहू डबरीपारा का रहने वाला है।
पथराव में वाहनों और दुकान को नुकसान
हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कई वाहनों और एक दुकान को निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक 6 कार/चार पहिया वाहन, एक ई-रिक्शा और एक बाइक क्षतिग्रस्त हुई। एक मकान की खिड़कियों के शीशे भी पथराव में टूट गए।
पुलिसकर्मियों पर भी हुआ पथराव
भीड़ को काबू करने के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए। घटना में तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। टीआई के सिर पर गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों का उपचार कराया गया।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद खपरगंज, तेलीपारा रोड, मध्यनगरी चौक, सिम्स चौक और करोना चौक समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दूसरे जिलों से करीब 350 अतिरिक्त पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। पुलिस लगातार पैदल मार्च और पेट्रोलिंग कर रही है।
एहतियात के तौर पर क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है। प्रशासन ने लोगों से बेवजह बाहर नहीं निकलने और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
CCTV और ड्रोन से संदिग्धों की तलाश
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। इसके लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल बाकी लोगों के खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
