
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय रूपकुमारी चौधरी अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़ी भूमिका निभाएंगी। महासमुंद से सांसद चुनी गईं चौधरी को पार्टी ने राष्ट्रीय महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के तौर पर शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है।
गांव की राजनीति से संसद तक पहुंचीं
रूपकुमारी चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत जिला पंचायत सदस्य के तौर पर की। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनावी राजनीति में कदम रखा और बसना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनीं। संगठन में लगातार सक्रिय रहने के बाद उन्हें लोकसभा चुनाव में महासमुंद से भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया।
2024 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर उन्होंने संसद में जगह बनाई। सांसद बनने के करीब दो साल के भीतर राष्ट्रीय महिला मोर्चा की जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
10वीं तक पढ़ाई, राजनीति में बनाया मुकाम
रूपकुमारी चौधरी का जन्म 5 जुलाई 1976 को महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के धनापाली गांव में हुआ था। उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं तक बताई गई है। उनका विवाह 1993 में ओमप्रकाश चौधरी से हुआ।
महिलाओं को संगठन से जोड़ने पर रहेगा फोकस
राष्ट्रीय महिला मोर्चा की जिम्मेदारी मिलने के बाद चौधरी ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और महिला मोर्चा इस दिशा में लगातार काम करेगा।
छत्तीसगढ़ के दो नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारी
भाजपा के नए राष्ट्रीय संगठन में छत्तीसगढ़ को एक साथ दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। रूपकुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की कमान दी गई है, जबकि दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली है। दोनों नियुक्तियों को छत्तीसगढ़ भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है।
