
रायपुर। रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत रायपुर और महासमुंद में अलग-अलग जगहों पर निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ एक पनीर निर्माण इकाई को सील किया गया।
डूमरतराई में मिठाइयों की जांच
रायपुर के डूमरतराई स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल थोक बाजार में विभागीय टीम पहुंची। यहां पैक्ड मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए तीन विधिक नमूने लिए गए। टीम ने रसगुल्ला, गुलाब जामुन और सोन केक के सैंपल जांच के लिए सुरक्षित किए।
इसके अलावा हाईवे किंग रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। यहां से पनीर और वेज ग्रेवी के नमूने लिए गए। जांच के दौरान किचन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार करने के लिए अलग सेक्शन मिले, लेकिन खाद्य सामग्री रखने का तरीका संतोषजनक नहीं पाया गया।
विभाग ने किचन को तत्काल बंद कर सामान को निर्धारित तरीके से रखने के निर्देश दिए। रेस्टोरेंट से जुड़े वेज-नॉनवेज भोजन की शिकायत के बाद भी यह जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लिए गए खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महासमुंद में तीन एकड़ की यूनिट पर कार्रवाई
महासमुंद में कार्रवाई का दायरा पनीर निर्माण इकाई तक पहुंचा। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने भालेसर रोड स्थित वैद्या फूड प्रोडक्ट का निरीक्षण किया।
करीब तीन एकड़ में चल रही इस यूनिट में टीम को तैयार पनीर के साथ कई तरह की सामग्री मिली। इनमें पाम ऑयल फैट, दूध पाउडर और इमल्सीफायर शामिल बताए गए हैं।
बॉयलर में तैयार किया जा रहा था मिश्रण
निरीक्षण के दौरान परिसर में तीन बॉयलर संचालित मिले। अधिकारियों के अनुसार, तेल आधारित फैट, दूध पाउडर और इमल्सीफायर के मिश्रण को गर्म करके पनीर तैयार करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।
टीम ने मौके से तैयार पनीर और संबंधित सामग्री के नमूने लिए। इसके बाद पूरी इकाई को सील कर दिया गया।
रिपोर्ट बताएगी उत्पाद की असली स्थिति
इस कार्रवाई में सबसे अहम अगला चरण प्रयोगशाला जांच है। विभाग ने लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि तैयार उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं और संबंधित इकाई के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जानी है।
त्योहारी सीजन में मिठाई और दूध से बने उत्पादों की खपत बढ़ने के बीच खाद्य विभाग की यह कार्रवाई मिलावट और घटिया खाद्य सामग्री पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
