
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रदेश की बेटियों के लिए बड़ी घोषणा की। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया।
6,671 सरकारी स्कूलों में बनेंगे शौचालय
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में बेटियों के लिए बेहतर और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास के ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का भी उल्लेख किया और उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प को याद किया।
6,524 गांवों में भी विकास कार्यों का दावा
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। योजना के तहत 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की बात कही गई।
नक्सलवाद के खिलाफ सफलता का जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को भी स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन इलाकों में पहले हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण बन रहा है। बस्तर का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
बस्तर में शिक्षा और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूलों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। इसके अलावा ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ इलाकों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में हो रहे बदलाव के बीच अब क्षेत्र के नवनिर्माण का समय है और सरकार का फोकस शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और विकास को आगे बढ़ाने पर है।
