

रायपुर। जिस भव्य श्रीराम प्रतिमा को चंदखुरी के माता कौशल्या मंदिर की शोभा बढ़ानी थी, वह पिछले चार महीनों से खेत में तिरपाल के नीचे पड़ी है। करीब 80 लाख रुपये की लागत से बनी 51 फीट ऊंची प्रतिमा बारिश के पानी में घिरी हुई है। न सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही इसे बचाने के लिए कोई स्थायी शेड बनाया गया है।
नई प्रतिमा ग्वालियर से मंगाई गई थी। भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासनकाल में स्थापित पुरानी प्रतिमा को बदलने का फैसला लिया था, लेकिन मौजूदा प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा होने के कारण उसे हटाने पर विवाद खड़ा हो गया। मंदिर समिति और स्थानीय लोग पुरानी प्रतिमा हटाने के पक्ष में नहीं हैं, जिससे नई प्रतिमा की स्थापना अटक गई है।
मां कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान का कहना है कि बिना समिति से चर्चा किए नई प्रतिमा मंगाई गई। विभागीय देरी और आपसी असहमति के कारण करोड़ों की आस्था से जुड़ी यह प्रतिमा अब तक राजधानी से करीब 35 किलोमीटर दूर गोढ़ी गांव के खेत में पड़ी है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें प्रतिमा के असुरक्षित होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सुरक्षा और संरक्षण के इंतजाम करने तथा जल्द स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।





