

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज केस के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस का कहना है कि घटना का घटनास्थल दोबारा दिखाने (क्राइम सीन रीक्रिएशन) के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों का हथियार छीनने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में प्रभास मंडल वारदात से पहले बच्ची के साथ दिखाई दिया था, जिसके बाद वह जांच एजेंसियों के निशाने पर था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्ची को बहाने से एक झोपड़ी में ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश में उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर तालाब में फेंकने का प्रयास किया गया।
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि बच्ची तालाब में फेंके जाने के समय जीवित थी। वहीं, उसके शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिले हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस से 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों के खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।




