

रायपुर। राजधानी के पास स्थित नकटी गांव में सोमवार सुबह प्रशासन ने सरकारी जमीन खाली कराने का बड़ा अभियान शुरू किया। इस जमीन पर भविष्य में विधायकों के लिए नई आवासीय कॉलोनी बनाई जानी है।
कार्रवाई के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 4 हजार पुलिस जवान, 14 बुलडोजर, 200 अधिकारी, 250 कोटवार और 300 प्रहरी मौके पर तैनात किए गए हैं। सुबह से ही अलग-अलग टीमें गांव में पहुंचकर नोटिस वाले मकानों को खाली कराने में जुट गईं।
कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और पहले दिए गए नोटिस के आधार पर की जा रही है। अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए गांव को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
इस कार्रवाई से 85 परिवारों के सामने रहने की चिंता खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं। इस मामले को लेकर वे सांसद बृजमोहन अग्रवाल से भी मिल चुके हैं। सांसद ने भरोसा दिया है कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर उचित समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
सरकार की योजना नकटी गांव की 55 एकड़ सरकारी जमीन पर विधायक कॉलोनी विकसित करने की है। इसी वजह से कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है।





