
कवर्धा: कबीरधाम जिले में करीब तीन साल पहले हुए सनसनीखेज होम थिएटर ब्लास्ट मामले में अदालत ने आरोपी सरजू उर्फ संजू मरकाम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। शादी के बाद घर में आए होम थिएटर में विस्फोटक लगाया गया था। बिजली से कनेक्ट करते ही हुए धमाके में दूल्हे समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग घायल हुए थे।
शादी के कुछ दिन बाद घर में हुआ धमाका
मामला ग्राम चमारी का है। मेहर सिंह मेरावी के घर 31 मार्च 2023 को शादी समारोह हुआ था। शादी के बाद मिले उपहारों को 3 अप्रैल की सुबह घर के एक कमरे में रखा गया था।

इन्हीं सामानों में सोनी कंपनी का एक होम थिएटर भी था। परिवार के लोगों ने जैसे ही उसे बिजली से जोड़ा, तेज धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कमरे की छत और दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो गईं।
इस घटना में दूल्हे हेमेंद्र मेरावी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राजकुमार मेरावी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सौरभ, सूरज, शिव, दीपक और शेर सिंह घायल हुए थे।

जांच में खुला होम थिएटर में विस्फोटक लगाने का राज
धमाके के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू की। मौके से बारूदयुक्त मिट्टी, तार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, होम थिएटर का कार्टन और आलमारी के टूटे हिस्से समेत कई साक्ष्य बरामद किए गए।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि होम थिएटर में जानबूझकर विस्फोटक लगाया गया था।
प्रेम संबंध के विवाद में रची गई थी साजिश
अभियोजन के अनुसार, सरजू उर्फ संजू मरकाम का लालिता धुर्वे से प्रेम संबंध था। इसी को लेकर हुए विवाद के बाद उसने हेमेंद्र मेरावी और उसके परिवार को निशाना बनाने की साजिश रची।
आरोपी ने शादी के उपहार में पहुंचने वाले होम थिएटर में विस्फोटक लगाया, ताकि उसे बिजली से जोड़ते ही धमाका हो जाए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बारूद और अन्य सामग्री भी बरामद की थी।
कोर्ट ने इन धाराओं में सुनाई सजा
मामले की सुनवाई कवर्धा जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307 और 436 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत दोषी ठहराया।
धारा 302 के दो मामलों और धारा 307 के पांच मामलों में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा दी गई। अदालत ने आरोपी पर कुल 9,500 रुपये का जुर्माना लगाया।
करीब तीन साल पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद मृतकों के परिवार को न्याय मिला है।