
भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में सीबीआई ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है।तड़के सुबह सीबीआई की टीम ने आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर (जेके) ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित घर पर छापा मारा। जांच एजेंसी के अधिकारी घर में मौजूद दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की दो अलग-अलग टीमें सुबह-सुबह ध्रुव के निवास पहुंचीं। भर्ती घोटाले की जांच के दौरान यह दूसरा मौका है जब एजेंसी ने उनके घर पर दबिश दी है।
2020 से 2022 की भर्ती प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
CGPSC की वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती परीक्षाओं और इंटरव्यू प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई।
इस मामले में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई अहम पदों पर हुई नियुक्तियां भी जांच के दायरे में हैं।
सरकार बदलने के बाद CBI को मिली जांच
जुलाई 2023 में राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों में बदलाव कर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप भी लगाए गए हैं।
29 आरोपी जांच के घेरे में
इस मामले में अब तक 29 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, जबकि कुछ को जमानत मिल चुकी है।
