
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की छठी पुण्यतिथि पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी ने एक नई सामाजिक पहल की शुरुआत की। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते नशे और युवाओं में अवसाद की समस्या को देखते हुए ‘बेटा बचाओ आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित जोगी ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शुरू किया गया है। उनका कहना है कि शराब, गांजा और सिंथेटिक ड्रग्स जैसे नशे तेजी से युवाओं और स्कूली छात्रों तक पहुंच रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
अमित जोगी ने बताया कि अगले एक महीने के भीतर इस अभियान को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर समेत प्रदेश के सभी संभागों तक पहुंचाया जाएगा। इस अभियान में डॉक्टर, शिक्षक, धर्मगुरु, पत्रकार, खिलाड़ी, समाजसेवी, अभिभावक और युवा शामिल होंगे।
इस दौरान भावुक होते हुए अमित जोगी ने कहा कि वे इस अभियान से एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक बेटे के रूप में जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के कठिन अनुभवों ने उन्हें युवाओं की समस्याओं को करीब से समझने का अवसर दिया है, इसलिए वे प्रदेश के बेटों को नशे और अवसाद से बचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत महिलाएं होंगी, क्योंकि नशे का सबसे अधिक असर परिवार की माताओं, बहनों और पत्नियों पर पड़ता है।
अमित जोगी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने, सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए विशेष पुलिस टास्क फोर्स बनाने, जिला अस्पतालों में नशा मुक्ति विभाग शुरू करने और स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम लागू करने की मांग की।