
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा खत्म होने के बाद एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डेलिगेशन ने चीन से मिले लगभग सभी गिफ्ट और इलेक्ट्रॉनिक सामान को वापस ले जाने के बजाय या तो वहीं छोड़ दिया या कूड़ेदान में फेंककर नष्ट कर दिया।
सुरक्षा के लिए सख्त कदम
बताया जा रहा है कि यह कदम डेटा चोरी और जासूसी के खतरे को देखते हुए उठाया गया। टीम ने उन सभी चीजों को अलग कर दिया जो चीन की तरफ से गिफ्ट में मिली थीं। इनमें खास तौर पर इस्तेमाल के लिए दिए गए बर्नर फोन, डेलिगेशन पिन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम शामिल थे।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इन सामानों को अमेरिका ले जाने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए उन्हें विमान में सवार होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
विमान में सख्त रोक
अमेरिकी प्रेस टीम से जुड़ी एक पत्रकार ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि चीन से जुड़ा कोई भी सामान विमान के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। इस फैसले को काउंटर-इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जा रहा है।
क्या है वजह?
जानकारों के मुताबिक, जब भी अमेरिकी अधिकारी ऐसे देशों की यात्रा पर जाते हैं जहां जासूसी का खतरा माना जाता है, तो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या संदिग्ध सामान को नष्ट कर दिया जाता है ताकि ट्रैकिंग, हैकिंग या बगिंग का खतरा न रहे।
9 साल बाद चीन दौरा
डोनाल्ड ट्रंप करीब 9 साल बाद चीन पहुंचे थे, जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात भी हुई। यात्रा के आखिरी चरण में यह सख्त सुरक्षा कदम उठाया गया।
