छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि कुख्यात नक्सली नेता पापा राव के आत्मसमर्पण के बाद राज्य में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में एक भी सक्रिय नक्सली नहीं बचा है।
दरअसल, लंबे समय से वांछित और लाल आतंक का बड़ा चेहरा माने जाने वाले पापा राव के जल्द ही सरेंडर करने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, वह अगले कुछ घंटों में बीजापुर पहुंच सकता है, जहां वह अपने करीब 17 साथियों के साथ आधुनिक हथियारों सहित आत्मसमर्पण करेगा। इसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने औपचारिक सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीम पहले ही इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में एक गुप्त स्थान के लिए रवाना हो चुकी है, जहां से पापा राव को लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अब यह आत्मसमर्पण संभव हो पाया है।

करीब 25 लाख रुपये का इनामी पापा राव वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का अहम सदस्य रहा है। बस्तर में नक्सली गतिविधियों की कमान लंबे समय तक उसी के हाथ में रही।
उसका नाम कई बड़े हमलों में जुड़ा रहा है, जिनमें कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ आईईडी ब्लास्ट भी शामिल है, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा कई एंबुश और सुरक्षाबलों पर हमलों की साजिश में उसकी अहम भूमिका रही है।
पापा राव पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) का प्रमुख चेहरा माना जाता था और संगठन के बड़े फैसलों में उसकी सीधी भागीदारी रहती थी। उसकी पत्नी उर्मिला भी इसी संगठन की सदस्य थी, जो एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।
