बिलासपुर में पहुंचे Swami Avimukteshwaranand ने कई बड़े और विवादित बयान दिए। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और देश, धर्म और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
एकता और धर्म पर क्या बोले?
स्वामी ने कहा कि अगर देश में एकता सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए बनाई जाती है, तो उसका समाज को कोई फायदा नहीं होता। उनका मानना है कि चाहे एकता हो या ध्रुवीकरण, उससे समाज का भला होना चाहिए।
“सनातन धर्म को अंदर से खतरा”
सनातन धर्म पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि धर्म खतरे में जरूर है, लेकिन बाहर से नहीं, बल्कि अंदर के “कालनेमियों” से। उन्होंने लोगों को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की सलाह दी।
गौरक्षा पर नेताओं को घेरा
गौरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में फर्क है। मंच पर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर काम नहीं दिखता।
योगी आदित्यनाथ पर क्या कहा?
Yogi Adityanath के साथ मतभेद पर उन्होंने कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। लेकिन जो लोग गौरक्षा के नाम पर वोट लेते हैं और काम नहीं करते, उनके खिलाफ बोलना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नीयत सही होती, तो 9 साल में ठोस कदम दिखते।
सेक्सुअल हरासमेंट आरोपों पर सफाई
अपने ऊपर लगे सेक्सुअल हरासमेंट के आरोपों को लेकर स्वामी ने कहा कि यह सब उन्हें रोकने की साजिश है। उनके अनुसार, वे गौमाता की रक्षा की बात करते हैं, इसलिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
राजनीति पर भी बोले
अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। सब कुछ परिस्थितियों और फायदे के हिसाब से बदलता रहता है।
