रायपुर। निलंबित राज्य सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने विशेष न्यायालय में आवेदन दाखिल कर उनकी 16 चल-अचल संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति मांगी है।
45 संपत्तियों की खरीद का खुलासा
EOW ने कोर्ट में बताया कि सौम्या चौरसिया ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध वसूली और कमीशनखोरी से बड़ी रकम अर्जित की। इस रकम से उन्होंने अपने परिजनों और अन्य लोगों के नाम पर कुल 45 संपत्तियां खरीदीं।
इनमें से 29 संपत्तियां पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की जा चुकी हैं।
अब बाकी की 16 संपत्तियों को भी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बचाव पक्ष का तर्क
सौम्या के वकीलों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि जिन संपत्तियों को सौम्या की बताई जा रही हैं, वे उनके परिजनों द्वारा खरीदी गई हैं और इसके दस्तावेज भी मौजूद हैं। बचाव पक्ष ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
कोर्ट की अगली सुनवाई
विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बचाव पक्ष को 22 सितंबर को अपना पक्ष रखने का समय दिया है।
पृष्ठभूमि
सौम्या चौरसिया का नाम बहुचर्चित कोयला घोटाले में भी सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रायपुर जेल से रिहाई मिली। कोर्ट के आदेश पर वह वर्तमान में बेंगलुरु में रहकर पेशियों में शामिल हो रही हैं।
