
त्विषा शर्मा की मौत को लेकर चल रहे मामले में AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने दोबारा जांच की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि त्विषा की मौत सुसाइडल हैंगिंग यानी फांसी लगाकर आत्महत्या करने से हुई।
पांच सदस्यों वाली मेडिकल टीम ने मामले की जांच कई पहलुओं से की। बोर्ड ने यह भी देखा कि मौत से पहले त्विषा के साथ किसी तरह की मारपीट या शारीरिक हमला तो नहीं हुआ था। जांच में शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं मिली, जिसे मेडिकल-लीगल तौर पर महत्वपूर्ण माना जाए।
AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की जांच के अनुसार यह स्पष्ट रूप से आत्महत्या का मामला है। रिपोर्ट में मौत से पहले किसी फिजिकल अटैक, विरोध या संघर्ष के मेडिकल-लीगल सबूत नहीं मिले हैं।
जिम्नास्टिक बेल्ट की भी हुई जांच
मेडिकल बोर्ड ने फांसी में इस्तेमाल किए गए लिगेचर मटीरियल की भी बारीकी से जांच की। इसमें मेटल रिंग वाला जिम्नास्टिक बेल्ट भी शामिल था। बोर्ड ने इसी से जुड़े विवाद को समझने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और वैज्ञानिक तथ्यों का अध्ययन किया।
डॉ. सुधीर गुप्ता के मुताबिक, अंतिम निष्कर्ष तैयार करने से पहले टीम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य का भी अध्ययन किया। इसके बाद सभी मेडिकल और फॉरेंसिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की गई।
क्राइम सीन पर भी पहुंची थी टीम
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद AIIMS का मेडिकल बोर्ड बनाया गया था। बोर्ड ने 24 मई को त्विषा का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन का भी निरीक्षण किया।
मेडिकल बोर्ड ने मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। करीब एक महीने तक वैज्ञानिक तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करने के बाद अंतिम राय तैयार की गई।
AIIMS की इस रिपोर्ट को अब CBI और न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक त्विषा की मौत आत्महत्या के कारण हुई और शरीर पर मौत से पहले मारपीट या संघर्ष से जुड़े कोई महत्वपूर्ण चोट के निशान नहीं मिले।
