
दुर्ग। पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई व्यवस्था को लेकर छात्रों का सब्र आखिरकार टूट गया। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 विद्यार्थियों ने मंगलवार को खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्रों का आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए स्कूल में सिर्फ तीन शिक्षक हैं, जिससे नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। करीब 12 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रात में आंदोलन समाप्त हुआ।
पहले भी उठा चुके थे शिक्षकों की कमी का मुद्दा
यह पहली बार नहीं था जब छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर आवाज उठाई। विद्यार्थियों के अनुसार, 21 अगस्त को भी इसी समस्या को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जल्द व्यवस्था करने का भरोसा दिया गया, लेकिन जब स्थिति नहीं बदली तो छात्रों ने दोबारा सड़क पर उतरने का फैसला किया।
कई विषयों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
छात्रों का कहना है कि तीन शिक्षकों के भरोसे करीब 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई चलाना मुश्किल हो रहा है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण कई विषयों की कक्षाएं नियमित नहीं हो पा रही हैं। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम प्रभावित होने की शिकायत की है। छात्रों की मांग है कि स्कूल में विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
अफसर पहुंचे, लेकिन नहीं माने छात्र
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। SDOP, तहसीलदार, SDM समेत अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश की। हालांकि छात्र तत्काल शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि सिर्फ आश्वासन से उनकी पढ़ाई की समस्या दूर नहीं होगी।
मंत्री से फोन पर हुई बात, इसके बाद खुला रास्ता
काफी देर तक बातचीत के बाद छात्रों की स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बात कराई गई। मंत्री की ओर से शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा मिलने के बाद विद्यार्थियों ने रात करीब 12 बजे चक्काजाम खत्म कर दिया।
3 से बढ़कर 7 हुई शिक्षकों की संख्या
आंदोलन के बाद स्कूल में चार नए शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही शिक्षकों की संख्या अब सात हो गई है। नए प्राचार्य की व्यवस्था की बात भी कही गई है। कॉमर्स के लिए एक और शिक्षक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
छात्रों की नजर अब स्थायी व्यवस्था पर
विद्यार्थियों ने स्कूल में कुल 17 शिक्षकों की व्यवस्था की मांग रखी है। ऐसे में शुरुआती नियुक्तियों के बाद भी उनकी पूरी मांग पूरी नहीं हुई है। फिलहाल आंदोलन खत्म हो चुका है, लेकिन छात्रों का कहना है कि वे चाहते हैं कि स्कूल में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित हो और शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर की जाए।
