
मुंबई। ‘गजनी’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाले अभिनेता प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं रहे। 74 साल की उम्र में ब्लड कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद उनका एक पुराना इंटरव्यू फिर सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने बताया था कि आखिर क्यों उन्होंने बॉलीवुड से ज्यादा साउथ फिल्मों में काम करना पसंद किया।
प्रदीप रावत ने बॉलीवुड के साथ-साथ तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी कई यादगार किरदार निभाए। साउथ सिनेमा में उन्हें ‘भद्रा’, ‘रिबेल’ और एस.एस. राजामौली की फिल्म स्ये से जबरदस्त पहचान मिली। स्ये में निभाया गया ‘भिक्षु यादव’ का किरदार उनके करियर के सबसे चर्चित रोल्स में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने गजनी समेत कई बड़ी फिल्मों में अपनी खलनायकी से अलग पहचान बनाई।
सिद्धार्थ कनन को दिए एक इंटरव्यू में प्रदीप रावत ने बताया था कि साउथ इंडस्ट्री में कलाकारों को बॉलीवुड के मुकाबले कहीं बेहतर फीस मिलती है। उन्होंने कहा था कि अगर मुंबई में किसी फिल्म के लिए 1 लाख रुपये मिलते हैं, तो साउथ में उसी काम के लिए करीब 3 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। इतना ही नहीं, वहां भुगतान के लिए बार-बार याद दिलाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म छावा के दौरान उन्हें मैडॉक फिल्म्स से भी पेमेंट को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई।
प्रदीप रावत के परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत हैं। परिवार हमेशा लाइमलाइट से दूर रहा। ANI के अनुसार, उनके मैनेजर सिद्धार्थ आर. तिवारी ने बताया कि अभिनेता पिछले पांच वर्षों से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और बाद में भिवंडी के एक कैंसर अस्पताल में इलाज के दौरान 4 अगस्त 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
