

नई दिल्ली: पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। पीएम ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।
पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जवाब देते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो।
इधर, छात्र संगठनों का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने संकेत दिए हैं कि यदि छात्रों पर कार्रवाई रोकी जाती है और दर्ज मामलों पर उचित कदम उठाए जाते हैं, तो वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए वह तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से चर्चा का समय तय करने को कहा और इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की।





