
नई दिल्ली: E20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी बात साफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई 100% पेट्रोल इस्तेमाल करना चाहता है तो वह खरीद सकता है, लेकिन इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
गडकरी ने कहा कि वह केवल इथेनॉल ही नहीं, बल्कि हाइड्रोजन, मेथनॉल, इलेक्ट्रिक और दूसरे वैकल्पिक ईंधनों के भी समर्थक हैं। उनका कहना है कि भारत को कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ऐसे ईंधनों को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने अपने परिवार के बिजनेस को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। गडकरी ने कहा कि उनके बेटों के कारोबार में इथेनॉल की हिस्सेदारी सिर्फ 10% है और पूरे देश के इथेनॉल कारोबार में उनकी हिस्सेदारी 0.5% से भी कम है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनियों पर करीब 1600 करोड़ रुपये का कर्ज है, इसलिए निजी लाभ के आरोप गलत हैं।
गडकरी ने कहा कि इथेनॉल सिर्फ गन्ने से नहीं, बल्कि मक्का, पराली, बांस और चावल जैसी फसलों से भी बनाया जा सकता है। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कई वर्षों से इथेनॉल का सफल उपयोग हो रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि E85 जैसे ईंधन की कीमत E20 से भी कम हो सकती है और भविष्य में दुनिया के कई देश बायोफ्यूल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।




