
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुंगेली के चर्चित पोखन यादव हत्याकांड में दोषी ठहराए गए तीन आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए कहा कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी और इसके पीछे बहन से कथित छेड़छाड़ का बदला लेना मकसद था।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने माना कि मामले में पेश किए गए चश्मदीद गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल जांच रिपोर्ट आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और मजबूत साक्ष्य हैं।
अभियोजन के अनुसार, 25 अक्टूबर 2023 को पोखन यादव पर राजा साहू और दीलू साहू की बहन से कथित बदसलूकी करने का आरोप लगा था। इसके बाद दोनों भाइयों ने पोखन के पिता लक्ष्मण यादव को जान से मारने की धमकी दी थी।
उसी दिन जब पोखन यादव अपनी ससुराल से लौट रहा था, तब मुंगेली के अवासपारा स्थित शराब दुकान के पीछे कच्चे रास्ते पर उसे घेर लिया गया। आरोप है कि राजा साहू और दीलू साहू ने चाकू से उसके गले, सिर और माथे पर कई वार किए, जबकि दुर्गेश कुमार उर्फ बुलाती साहू निगरानी करता रहा।
हमले में पोखन यादव की मौत हो गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने 26 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया है।
