पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में बढ़ते तनाव ने पार्टी नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच लालू यादव ने पहली बार इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि यह पारिवारिक मामला है और इसे वे जल्द ही शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लेंगे।
लालू का भरोसा – “नेताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं”
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान लालू ने पारिवारिक कलह का जिक्र किया और कहा—
“ये हमारा अंदरुनी मामला है। हम इसे घर के भीतर ही निपटा लेंगे। आप लोग बेवजह परेशान न हों। मैं संभाल लूंगा।”
उन्होंने मीटिंग में तेजस्वी यादव की मेहनत की भी सराहना की और कहा कि चुनाव में उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी थी।
तेजस्वी यादव फिर बने नेता प्रतिपक्ष
RJD विधायक दल की बैठक सोमवार को तेजस्वी यादव के आवास पर हुई, जिसमें लालू, राबड़ी देवी और मीसा भारती भी मौजूद रहीं।
बैठक में तेजस्वी यादव को दोबारा विपक्ष का नेता चुना गया।
इस बार RJD को कुल 25 सीटें मिली हैं, जो विधानसभा की 243 सीटों का मात्र 10% है।
पारिवारिक विवाद की वजह क्या है?
चुनाव नतीजों के अगले ही दिन यानी 14 नवंबर को पटना स्थित लालू निवास पर अचानक माहौल गर्म हो गया।
दरअसल—
रोहिणी आचार्य ने राज्यसभा सांसद संजय यादव को RJD की हार का जिम्मेदार बताया
एक्स (Twitter) पर रोहिणी ने संजय यादव और रमीज नेमत पर गंभीर आरोप लगाए
उन्होंने लिखा कि इन दोनों की वजह से वह परिवार से दूरी बनाने पर मजबूर हो गई हैं
रविवार को रोहिणी ने चप्पल फेंकने और गाली-गलौज तक होने का आरोप लगाया
संजय यादव और रमीज नेमत तेजस्वी के बेहद करीबी माने जाते हैं, इसलिए विवाद और भी गहरा गया है।
