ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और हिंसक हालात के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट आए हैं। बीती रात ईरान से दिल्ली पहुंचे नागरिकों ने वहां की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया और भारत सरकार व भारतीय दूतावास का आभार जताया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे एक नागरिक ने कहा,
“वहां हालात बहुत खराब हैं। भारत सरकार ने हमें पूरा सहयोग दिया। दूतावास ने समय रहते बाहर निकालने की जानकारी दी। मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है।”
ईरान से लौटे नागरिकों ने सुनाई आपबीती
ईरान से लौटे एक अन्य नागरिक ने बताया,
“हम वहां करीब एक महीने तक रहे, लेकिन पिछले 1–2 हफ्तों से हालात बिगड़ गए थे। जब भी बाहर निकलते, प्रदर्शनकारी गाड़ियों के सामने आकर हंगामा करने लगते थे। इंटरनेट बंद था, हम अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।”
उन्होंने कहा कि दूतावास से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया था, जिससे डर और चिंता का माहौल बना हुआ था।
एक अन्य नागरिक ने बताया,
“मैं जम्मू-कश्मीर का रहने वाला हूं, लेकिन ईरान में जो विरोध प्रदर्शन देखा, वह बेहद खतरनाक था।”
परिजनों ने जताया सरकार पर भरोसा
अपने परिजन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे एक शख्स ने कहा,
“ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है। हमें मोदी सरकार पर पूरा भरोसा था। सरकार ने लगातार सहयोग किया और हमारे परिवार के सदस्य को सुरक्षित वापस लाया, इसके लिए हम आभारी हैं।”
वहीं, एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि लंबे समय तक संपर्क न होने से परिवार बेहद परेशान था, लेकिन सुरक्षित वापसी से सभी ने राहत की सांस ली।
भारत सरकार ने जारी किया था ट्रैवल एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने हालात बिगड़ने के बाद दो बार यात्रा परामर्श (Travel Advisory) जारी कर भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी थी।
साथ ही, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से तत्काल प्रभाव से ईरान छोड़ने को कहा था।
दूतावास ने नागरिकों को पासपोर्ट, पहचान पत्र और यात्रा दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने तथा सहायता हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क में रहने की सलाह दी थी।
28 दिसंबर से ईरान में जारी है हिंसक प्रदर्शन
28 दिसंबर 2025 से ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 2,615 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अनुमानों में यह आंकड़ा 3,000 से ज्यादा बताया जा रहा है।
इसके अलावा, 10,000 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की खबर है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने यह भी आशंका जताई है कि कई प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा दी जा सकती है।
