
बिलासपुर। न्यायधानी में शुक्रवार देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने अब आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामले में दोनों पक्षों से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बलवा समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिसमें धारा 307 और 191 भी शामिल है।
घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस ड्रोन से बनाए गए वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही है। शहर में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
देर रात पथराव से बिगड़ा माहौल
शहर में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़ा हो गया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। हालात संभालने के लिए पुलिस को मौके पर कार्रवाई करनी पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पुलिस ने बल प्रयोग भी किया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने देर रात तक घटनास्थल पर रहकर स्थिति की निगरानी की।
20 से ज्यादा लोग और पुलिसकर्मी घायल
झड़प के दौरान दोनों पक्षों के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी है। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। तनाव को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त बल को भी इलाके में तैनात किया गया। दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया।
विधायक बोले- विवाद को धार्मिक रंग देने की कोशिश
विधायक सुशांत शुक्ला ने घटना को लेकर कहा कि दो असामाजिक तत्वों के बीच हुए विवाद को धार्मिक एंगल देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर स्थिति को संभाल लिया।
विधायक ने लोगों से अपील की कि भविष्य में ऐसी किसी घटना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि शहर की शांति और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासन में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
